शनिवार, 2 अगस्त 2008

क्षणिकाएं फूटकर कवितायें

गुप्त रिपोर्ट (टाप सीक्रेट )
सेवा में .......
aapkaa पत्र मिला
अर्ज है
यह बड़ा अनुसाशनहीन है
न खाता है , न खिलाता है
खान पान का सख्त विरोधी है
पूरा दफ्तर परेशान है हैरान है ,
आचरण निंदनीय है
अतः तबादला जनहित (बहुजन हित ) में
अनिवार्य है गुप्त रिपोर्ट आपकी सेवा में
कार्यवाही हेतु प्रेषित है
भवदीय
(आ. प् .लेले )
कुछ नयी बीमारियाँ ----
रिपोर्ट आई है कुछ बीमारियाँ घट रही हैं तो कुछ नई आ रही हैं
पक्षाघात घट रहा है
पक्षपात बढ़ रहा है
मलेरिया घट रहा है ,
मॉल एरिया बढ़ रहा है ॥ (माल शब्द के कई अर्थ है कृपया सभी को देखें )
चेचक मिट गयी है
चक _चक बढ़ गयी है
पर व्यक्ती खुराक घट गयी है ,
पर वजन बढ़ रहा है
दिल के दौरे बढ़ गए हैं
दिल का आकार छोटा हो गया है
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3 टिप्‍पणियां:

Jagdish Bhatia ने कहा…

मजेदार क्षणिकाएं :)

Arvind Mishra ने कहा…

वाह अद्भुत रस है और विलक्षण उक्ति वैचित्र्य !जमाये रहे छोटे गुरू ! माल तो भाति भाति के हैं ही ईहू बतैईवे क कौनो जरूरत रही भला .

विनय प्रजापति 'नज़र' ने कहा…

bahut achchhe!