मंगलवार, 2 सितंबर 2008

जनरल मुशर्र फ गांधीवाद की ओर

इस फोटो को पहचानिये ये हैं शान्ति के नए दूत
आज कल हर कोई यह जानने की कोशिश
में है कि मियॅ मुशर्रफ़ क्या सोच रहे हैं और
क्या कर रहे है जनरल साहिब गांधी जी के तीन
बंदरों वाले सिधांत पर ये चौथा बन्दर को साधने
कि कवायद कर रहे हैं ये चौथा बन्दर कह रहा है
बुरा मत करो ॥ शेष तो वोही बुरा मत देखो , कहो और
सुनो का ही राग अलाप रहे थे
मुशर्रफ़ साहब ने इसमे बुरा मत करो वाला चौथा बन्दर
भी डाल कर अमेरिकिओं को भी संदेश देना चाहा है कि बुरा करने का परिणाम अंत में बंदरों को नचाने सरीखा ही है
काश अवाम और इंशा अल्लाह सारे पाक हुक्मरान
इस चौथी नसीहत को अपना लेते तो आज मुसर्रफ कि ये सद्गति नहीं होती |हाँ एक बात स्पष्ट है इस चित्र से कि केवल सत्ता गई है लेकिन कुछ बंदरों की कमान अवश्य जनरल साहब के पास है सावधान रहने की अभी भी जरूरत है |

3 टिप्‍पणियां:

अबरार अहमद ने कहा…

sahi kaha janab

Arvind Mishra ने कहा…

बहूत खूब !

Ravi ने कहा…

बंदरों की हालत बड़ी ख़राब चल रही है .वैसे भी गाँधी जी के पास पहले से ही तीन थे ,चौथे की जरूरत कम ही थी .अगर होता भी तो माथे पर हाथ रखने के अलावा और क्या करता ? सो तो मुशर्रफ़ भी कर रहे हैं .खुदा खैर करे .......